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गुरुवार, 20 मार्च 2025

ये हमारी जिद...?

 


सुना है 

गिद्व खत्म हो रहे हैं

गौरेया घट रही हैं

कौवे नहीं हैं

सोचता हूं

पानी नहीं है

जंगल नहीं है

बारिश नहीं है

मकानों के जंगल हैं 

तापमान जिद पर है

पता नहीं

कौन 

किसे खत्म कर रहा है ?

अगली खबर पर नजर गई

हजारों पेड़ कटेंगे

हाईवे के लिए।

मैं 

बाहर लटके 

घोंसले के बाहर 

हवा में हिलते

तिनके देख रहा था। 


(साभार फोटो फ्री पिक डॉट कॉम) 


6 टिप्‍पणियां:

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