फ़ॉलोअर

रविवार, 30 अक्टूबर 2022

प्रकृति


एक छोटी कविता...

एक सुबह
हम जागे
और 
प्रकृति 
निखर उठी।


 

4 टिप्‍पणियां:

मन की कहेंगे

  1. हम छोटे हैं बहुत छोटे तब जानते हैं जब हम बडे़ हो जाते हैं  2. जीने के लिए रोज हम सीते हैं  पूरा दिन अपने आप को फिर  उधड़ जाते हैं अगली स...